Maratha Reservation: महाराष्ट्र के लोगों द्वारा उनके आरक्षण के लिए बार बार संघर्ष किया जा रहा था लेकिन इस बार महाराष्ट्र के लोगों आपने आरक्षण के लिए कम से कम 4 महीने से अनशन पर थे लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि अब संघर्ष ख़त्म होने जा रहा है 27 जनवरी CM एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को आपने हाथ से जूस पिलाया और सभी आंदोलनकारियों के आंदोलन को ख़त्म किया

जाने क्या बोले मराठा आरक्षण आंदोलनकारी:-
आंदोलनकारियों ने आपने आंदोलन को ख़त्म करते हुए कहा कि वे इस दिन का इंतजार पिछले 4 महीने से कर रहे है और इसी बीच लगभग 350 युवाओं ने भी आपनी जान की क़ुरबाई दें दी आंदोलनकारियों ने अपनी आशंकाओं को जताते हुआ बोले कि अगर इस बार आरक्षण को लागू नहीं किया गया या फिर हमारे साथ किसी भी प्रकार का धोका हुआ तो हम सीधे मुंबई के आजाद मैदान पहुंच जायेंगे

इन बातों पर आंदोलनकारियों और सरकार के बीच सहमति:-

- आंदोलनकारियों की मांग थी की उनके बच्चों की पढाई में उनका पैसा नहीं लगे उन्हें आरक्षण दिया और जब तक उनके बच्चों को आरक्षण प्रदान नहीं किया जाता तब तक किसी भी पद की भर्ती। को न निकली जाए।
- आंदोलनकारियों को उन लोगों की जानकारी दी जाएँगी जिन्हें प्रमाणपत्र दिये जा चुके हैं।
- जिन लोगों को कुनबी होने का प्रमाण मिला है। उनको कुनबी का कास्ट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस बात पर सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा सरकार ने कहा है कि वंशावली मिलान के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इसके बाद सर्टिफिकेट बांटे जाएंगे।
- शिंदे कमेटी का कार्यकाल दो महीने बढ़ाया गया है। प्रदर्शनकारी इसे एक साल बढ़ाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी चाहते थे कि इस कमेटी को मराठाओं के कुनबी रिकॉर्ड की खोज जारी रखनी चाहिए। सरकार ने कमेटी का कार्यकाल फेज वाइज बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
- आंदोलनकारियों पर आंदोलन करते समय उन पर जो मुकदमे दर्ज किये गए थे उन सभी मुकदमो को ख़ारिज कर दिया जाये।
- आंदोलनकारियों की मांग के मुताबिक, जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, उनके करीबी रिश्तेदारों को भी कुनबी सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सरकार इस संबंध में आदेश जारी करने के लिए तैयार हो गई है।