Dengu: दिल्ली में डेंगू का कहर, सबसे ज्यादा बच्चों में खतरा

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Dengu: दिल्ली में डेंगू का कहर, सबसे ज्यादा बच्चों में खतरा
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Dengu: दिल्ली में डेंगू का कहर, सबसे ज्यादा बच्चों में खतरा गाजियाबाद के जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों की संख्या में चिंता की बजाय बढ़ रही है। इस खतरनाक बीमारी के मामले अब बच्चों में सबसे अधिक दिख रहे हैं, जिससे समाज की दिशा और अवस्था का सफलता से पूरा परिपर्ण होने के लिए एक और बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि गाजियाबाद के जिला अस्पताल में हर रोज डेंगू(Dengu) के आधा दर्जन मरीज आ रहे हैं, और इसमें से बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। बच्चों के साथ-साथ युवा और बड़े भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं,

गाजियाबाद जिले में इस समय डेंगू के मरीजों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, शनिवार को 69 मरीजों का चेकअप किया गया, जिनमें से चार बच्चों समेत डेंगू के 12 नए मामले सामने आए हैं। यह संख्या चिंताजनक है, क्योंकि डेंगू के इस प्रकार के बढ़ते मामले सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरे का संकेत देते हैं। गाजियाबाद में इस सीजन में डेंगू (Dengu)के कुल 924 मरीज दर्ज किए गए हैं। यह संख्या हमारे स्वास्थ्य प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे हमें सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है। डेंगू (Dengu)एक मच्छर के काटने से फैलने वाली महामारी है, और यह जिन लोगों को देखभाल की जरूरत है, वे अधिकतर बच्चे होते हैं।

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Dengu: दिल्ली में डेंगू का कहर, सबसे ज्यादा बच्चों में खतरा

Dengu से बचाव के लिए हमें निम्नलिखित आवश्यकता है:

  1. सबसे पहले, घरों और स्थानों को साफ सुथरा रखें। जल संचालन की अच्छी तरह से देखभाल करें और पानी जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू मच्छर पानी में पैदा होते हैं।
  2. अपने घरों को मच्छरों से सुरक्षित बनाने के लिए मच्छर नेट और मोशन नेट का उपयोग करें।
  3. व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें, और जागरूक रहें कि डेंगू(Dengu) मच्छर के काटने से बचने के लिए धूप में रहना एक अच्छा तरीका हो सकता है।
  4. डेंगू के लक्षणों को जानने और उनका सही समय पर इलाज करवाने का प्रमुख महत्व है।
  5. जिला स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रशासन के साथ मिलकर डेंगू के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक बीते 15 दिनों में डेंगू के मामले अचानक से बढ़े हैं, और यह खासकर चिंताजनक है क्योंकि डेंगू एक जानलेवा बीमारी हो सकती है, खासतर पुराने आयु के व्यक्तियों के लिए। डेंगू(Dengu) के लक्षणों में बुखार, ठंडा लगना, जोड़ों में दर्द, छाले, और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द शामिल होते हैं। दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, इसमें कई कारणों का मिलना-जुलना हो सकता है। बरसात के मौसम में और अधिक मच्छर बढ़ जाते हैं, जिससे यह बीमारी और भी फैल सकती है।

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Dengu के बच्चों के मामलों की वृद्धि

Dengu के मरीजों के बच्चों के साथ होने वाले मामलों की वृद्धि के साथ ही शनिवार को जिला प्रशासन के अनुसार, अस्पताल में 69 मरीजों का चेकअप किया गया, जिनमें से 4 बच्चे भी थे, और उनमें से 12 नए डेंगू मामले सामने आए हैं। यह चिंता का संकेत है कि गाजियाबाद के बच्चे डेंगू (Dengu)से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गाजियाबाद में इस सीजन में डेंगू के कुल 924 मरीज दर्ज किए गए हैं, जो गहरे सोचने वाली संख्या है। इसे एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखना होगा और सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

पंजाब के मुक्तसर में डेंगू का आतंक: वर्तमान में मुक्तसर में डेंगू (Dengu)के रोजाना करीब 10 मामले सामने आ रहे हैं, और इससे लोगों की चिंता बढ़ रही है। डेंगू के कुल मरीजों की संख्या अब 214 हो गई है, जो असली चिंता का कारण बन चुका है। मुक्तसर के 13 क्षेत्रों में, जिनमें दोदा, चक्क शेरेवाला, मुक्तसर शहर, और मलोट शामिल हैं, डेंगू(Dengu) के प्रसार का कहर देखा जा रहा है। यहां से रोजाना पांच से 10 लोग डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं, जो इस समस्या के बढ़ते चिंताजनक पक्ष को दर्शाता है।

हरियाणा के जींद में डेंगू(Dengu) के मरीजों की संख्या बढ़कर 267 हो गई है. लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सारी टीम में फील्ड में उतार दी.टीमों द्वारा बीमार लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं इनकी जांच करवाई जा रही है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है उनके आसपास रहने वाले लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं.

हरियाणा के जींद में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 267 हो गई है: हरियाणा के जींद जिले में डेंगू (Dengu)के मरीजों की संख्या बढ़कर 267 हो गई है, जो एक चिंता का विषय है। इसके बावजूद, सरकारी विभागों ने त्वरित कदम उठाये हैं ताकि इस महामारी का संयम बनाया जा सके। टीमों द्वारा बीमार लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि उनकी जांच की जा सके और उन्हें सही इलाज मिल सके। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, उनके आसपास रहने वाले लोगों के खून के सैंपल भी लिए जा रहे हैं ताकि डेंगू (Dengu)का फैलाव रोका जा सके।

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Dengu संक्रमण: जानिए DEN-1, DEN-2, DEN-3, और DEN-4 वायरस के बारे में

डेंगू, एक मौसमिक बीमारी, जिसे आदमी के द्वारा फैलाया जाने वाला वायरस होता है, आजकल एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। यह बीमारी डेंगू वायरस से होती है, जिसे DEN-1, DEN-2, DEN-3, और DEN-4 के नाम से जाना जाता है। इन चारों वायरस को सीरोटाइप कहा जाता है क्योंकि ये चारों अलग-अलग तरीके से एंटीबॉडी को प्रभावित करते हैं। डेंगू वायरस का बूटिकरण डेंगू वायरस चार विभिन्न स्ट्रेन्स (DEN-1, DEN-2, DEN-3, और DEN-4) के रूप में पाया जाता है, और इनमें से प्रत्येक वायरस की विशेष विशेषताएँ होती हैं। यह विभिन्न स्ट्रेन्स के कारण ही डेंगू(Dengu) संक्रमण के विभिन्न प्रकार होते हैं।

  1. DEN-1: DEN-1 वायरस डेंगू के प्रमुख कारण होता है और यह वायरस अक्सर ज्यादा गंभीर रूप में प्रभावित करता है।
  2. DEN-2: DEN-2 वायरस भी डेंगू के संक्रमण का कारण बन सकता है, और इसके लक्षण आमतौर पर DEN-1 के लक्षणों से समान होते हैं।
  3. DEN-3: DEN-3 वायरस भी डेंगू के संक्रमण का कारण हो सकता है, और यह वायरस ज्यादा गंभीर मामलों का कारण बनता है।
  4. DEN-4: DEN-4 वायरस भी डेंगू के संक्रमण का कारण हो सकता है, और इसके लक्षण डेंगू के अन्य स्ट्रेन्स के साथ मिलते जुलते होते हैं।

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