Acharya Pramod Krishnam: टूट गया कांग्रेस और प्रियंका गांधी के करीबी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम का 39 साल पुराना रिश्ता। वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम और कांग्रेस का 39 साल पुराना साथ अब टूट चुका है। प्रमोद कृष्णम, जो प्रियंका गांधी के साथ निकटता रखते थे, कांग्रेस से 1993 में संभल विधानसभा के लिए उम्मीदवार बने थे। 2014 में उन्होंने संभल लोकसभा सीट से और 2019 में लखनऊ से कांग्रेस के प्रतिष्ठान्वित टिकट पर चुनाव लड़ा था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रियंका गांधी के संबंधी, आचार्य प्रमोद कृष्णम का कांग्रेस से साथ अब टूट गया है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के लिए कई महीनों से अटकल बनाई थी, लेकिन शनिवार को उन्होंने अंततः यह निर्णय लिया। अब उनकी राजनीतिक यात्रा में भाजपा के साथ एक नई चरण शुरू हो सकता है। अब तक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भाजपा में शामिल होने के बारे में कुछ कहा नहीं है, लेकिन अब उनकी उम्मीद है कि वह अपने इरादे को साफ़ कर सकें।

Acharya Pramod Krishnam
छात्र जीवन से ही आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस का साथ जोड़ा था। 1993 में संभल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रयास भी किया था, लेकिन नामांकन वापस लेना पड़ा। फिर संभल के कौसर खां को कांग्रेस ने टिकट दिया था और वह चुनाव में उपस्थित हुए। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के प्रत्याशी सत्यप्रकाश गुप्ता को जीत मिली थी। आचार्य का यूथ कांग्रेस में भी सक्रिय योगदान रहा है।

2014 में संभल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने Acharya Pramod Krishnam को प्रत्याशी बनाया था, और 2019 में लखनऊ से भी उन्होंने चुनाव लड़ा था। पिछले कुछ समय से उन्होंने कांग्रेस की नीतियों का विरोध किया है। इसके अलावा, उन्होंने शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा नेताओं से मुलाकात करने का न्यौता दिया है, जिससे कि उनकी कांग्रेस से दूरी का संकेत मिलता है। कांग्रेस के अन्य नेताओं को भी निमंत्रण दिया गया हो सकता है, लेकिन उसकी स्पष्टता की जानकारी नहीं है।